समाज के गोरव


                                     औदीच्य रत्न , भारत निर्माता 

,"महिर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती "
अंध रूडी वादिता .और महंतो मठाधीशो एवं पण्डे पुजारियों के जंजाल में उलझे भारतीय समाज को नया प्रकाश देकर भीर से अपने पेरो पर खड़ा करने का सत्प्रयास किया | वेदों की मोलिक अधर शिला रखी धर्म में व्याप्त रूडी वादिता पाखंड,और अंध विश्वास का विरोध कर वैदिक संस्कृति की पताका फहराई |
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परम पूज्य शंकराचार्य, पुरी पीठाधीश्वर 
(१९६४ से १९७२) 
श्री स्वामी निरंजन देव तीर्थ जी  
जन्म-अश्विन कृष्ण १४सम्बत १९६७ 
 अखिल भारतीय औदीच्य महासभा रजि. : पू; शंकराचार्य जी पुरी,गोवर्धन पीठ - श्री स्‍वामी ...:         औदीच्‍य समाज को गौरवान्वित करने ेवालें में पू; शंकराचार्य,पुरी,गोवर्धन पीठ  के श्री स्‍वामी निरंजन देव जी तीर्थ  का नाम उल्‍लेखन...
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ब्रम्हश्रोत्रिय प्रात: स्मरणीय परम पूज्य 
जय नारायणजी  
छोटे बाप जी के नाम से प्रसिद्द 
औदीच्‍य दिवाकर परम श्रध्‍देय श्री जयनारायण जी महाराज  लेबल: 
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औदीच्य भूषण 
डॉ. प्रणव पंड्या 
अंतराष्ट्रीय  गायत्री परिवार के प्रमुख 
श्री सत्यनारायण जी पंड्या बडनगर जिला उज्जैन  के जेष्ट पुत्र 
-जन्म-८-नबम्बर १९५० 

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भागवताचार्य संत 


श्री रमेश भाई ओझा 
रामकथा मर्मज्ञ 
जन्म ग्राम-देवका, गुजरात -२१ अगस्त-१९५७




अधिक देखे   निचे लिंक क्लिक करें  भगवत कथा विडिओ भी उपलब्ध हे।

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परम पूज्य श्री  स्वामी संवित 
सोमगिरि जी महाराज 
जोधपुर वि.वि.अभियांत्रिकी संकाय (एम्.बी.एम्. इंजीनियरिंग कालेज )के व्याख्याता पद से को त्याग परम पूज्य श्रीमत स्वामी इश्वरानंद गिरि जी महराज से 'परम हंस सन्यास' दीक्षा ग्रहण कर २४ वर्षों तक वेदांत अध्ययन -साधना कर आध्यात्म के लोक शिक्षण में प्रवृत हुए।
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समाज के गोरव गीतकार कवि स्व. श्री रामचन्द्र प्रदीप-विडिओ सहित लेबल: 



कवि रामचन्द्र प्रदीप द्विवेदी - कृतित्व और व्यक्तित्व 







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3 टिप्‍पणियां:

Brahmtej ने कहा…

Devshankabapa of Siddhpith was Audichya Sahastra Brahmin belonging Siddhpur ,his name was Devshankar Hargovind Bhatt.
Worship at Sarswati river 5o years ,Vedad,puran,Sastra and Karmakandic learneded at Kasi at age 7 to 19 years ,got Shatri degree.
Sanskrit expert at Calcutta ,And also reder of Sanskrit to leading Press .
20th century only devotee of Gayatri .durga,Shiv had established facts of spiritual,vedic atemosphere at Siddhpith for welfare of Mankind.
The Audichya Sahastra Brahmin community must be proud for dedications and life of Rushi for generatons to come.

Brahmtej ने कहा…

Sadguru Devshakarbapa was called Raman Maharshi of Gujarat.Siddhpith ashram at Sarsati river at Siddhpur (Gujarat) become famous among all Brahmins,Other communities of Gujarat/India beacuse of Blessing of Sadguru to all.

Dr.O.P.Vyas Guna M.P. India, ने कहा…

prayas achcha hai....dr. o. p. vyas guna m. p. india